अक्षम और भ्रष्ट तंत्र के भरोसे कैसी खाद्य सुरक्षा

देहरादून : आज मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आपदा राहत की निगरानी करने उत्तराखंड पहुंचे ,केन्द्रीय नियोजन राज्य मंत्री राजीव शुक्ल को बताया कि खाद्य सुरक्षा बिल लागू होने से राज्य की 1 करोड़ की आबादी मे ंसे 60 लाख लोगों को फायदा होगा। बीपीएल व अन्त्योदय श्रेणी के शतप्रतिशत लोग इसके अंतर्गत आएंगे। जबकि एपीएल से लोगों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न श्रेणियां बनाई गई है। इनका चिन्हिकरण ग्रामसभाओं की बैठक में होगा। न्याय पंचायत स्तर पर अनज के स्टोरेज की सुविधा विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत किया ही जाना चाहिए ,किन्तु उन सवालों को हल किये बगैर जो राज्य की जनता ,मीडिया और देश की सर्वोच्च अदालत की ओर से पूछे जा रहे ,उनका उत्तर तलाशे बिना उनकी घोषणा से कैसे आश्वस्त हुआ जा सकता है | 3 दिसंबर 2 0 1 2 को आयोजित कांग्रेस टास्क फ़ोर्स की बैठक में भी इसी मसाले बोलते हुए यही सवाल मेरे द्वारा उठाया गया था जिसके बाद मुख्यमंत्री से भेंट में सबसे पहले राज्य के चौपट हो चुके पी डी एस तंत्र को दुरुस्त किये जाने की मांग की गई थी । यह सवाल सिर्फ मेरा नहीं है ,देश की सर्वोच्च अदालत ने वर्ष 2 0 0 8 -0 9 में पी डी एस सिस्टम की जांच को गठित जस्टिस वाधवा ने जो रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी ,उसमे सबसे अक्षम और भ्रष्ट जिन चार राज्यों का उल्लेख है उनमे एक उत्तराखंड भी एक है । जस्टिस वाधवा ने तो यह भी कहा कि सस्ती दरों पर राशन मुहिय्या कराने की ,राजनीतिक डालो की इच्छा जब कभी लागू होगी इसके परिणाम प्रतिगामी होंगे । 2 0 0 6 में गठित इस कमेटी ने सभी राज्यों के पी डी एस सिस्टम का अध्यन के बाद रिपोर्ट में लिखा कि ,”PDS system is inefficient and corrupt.There is aan unholy nexus between the transporters,fair price shop owners and officials of the civil supply department” and also “this has led to a mad rush among people for categrisation under BPL.” राज्य में कोई भूखा न सोए ,न भूखा रहे इससे अच्छा और मजबूत इरादा और क्या हो सकता है ? किन्तु इस लक्ष्य को पाने से पहले अतिशय भूख से बीमार तंत्र की सर्जरी आ6 वश्यक है । हमने विगत दिनों ,आपदा राहत की आड़ में हरियाणा के पी डी एस सिस्टम के जर्जर ढाँचे से चोरी कर हरिद्वार उतारे गए एक हज़ार गेहूं के बोरो का बेशर्म -नंगा नज़ारा देखा है.। हमने बी पी एल कार्ड बनाने को लेकर मच्ची आपाधापी और अनियमितता के साक्षी है ,ऐसे में हमारा साद संकल्प पूरा कैसे होगा शंशय बाकी है । My few friends on  asked me to suggest some solution of the Inefficient and corrupt PD System .On this issue justice Wadhawa it self written in their report ,He said,”To stem the rot,the use of information technology appears to be the only solution .By use of this ,there would be less human intervention and transparency be brought in the system and in allotment of food stocks to be sold at the shops.” All this modification in the system can be done by the Government it self,all the surgery instrument and will power to start vested in their hands.————सुरेन्द्र सिंह आर्य . दिनांक 16 /0 7 /1 3

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